दुनिया को हंसाने वाला ऐसे सब को रुला कर चला गया : राजू श्रीवास्तव


प्रसिद्ध हास्य कलाकार राजू श्रीवास्तव के निधन की खबर जैसे ही मीडिया में फैली वैसे ही उनके प्रशंसकों में शोक की लहर दौड़ गई। प्रशंसक उनके साथ बिताए पलों को याद करके भावुक हो गए।

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स में उपचाराधीन कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का बुधवार 21 सितंबर 2022 को सुबह 10:20 पर निधन हो गया वह 42 दिन से वेंटिलेटर पर थे गुरुवार 22 सितंबर 2022 को सुबह 10:00 बजे निगम बोध घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य हस्तियों ने जताया शोक 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अन्य प्रमुख हस्तियों ने उनके निधन पर शोक जताया 59 वर्षीय राजू श्रीवास्तव को 10 अगस्त कि सुबह ट्रेडमिल पर दौड़ते समय हार्ट अटैक आने पर एम्स में भर्ती कराया गया था। राजू की जब एंजियोग्राफी हुई तो पता चला कि उनके हार्ट के एक बड़े हिस्से में 100 फिसदी ब्लॉकेज था। मामला गंभीर था, ऐसे में डॉक्टर्स ने उनके हार्ट में दो स्टेंट लगाए। लेकिन हालत में जब कोई सुधार नहीं हुआ तो उन्हें वेंटिलेटर सपोर्ट पर रख दिया गया। उनके ब्रेन ने बिल्कुल ही काम करना बंद कर दिया था। दुनिया को हंसाने वाले राजू श्रीवास्तव को ऐसे सबको रुलाकर चले जाएंगे किसी को अंदाजा भी नहीं था।


राजू श्रीवास्तव का जन्म कब और कहां हुआ ?

राजू श्रीवास्तव का जन्म 25 सितंबर 1963 को कानपुर के एक कवि के घर में हुआ था। शुरू से ही राजू श्रीवास्तव  (Raju Srivastav) को लोगों को हंसाने का बहुत ही शौक था, 1988 में राजू श्रीवास्तव कॉमेडी में अपना करियर बनाने का सपना लिए मुंबई पहुंच गए। हालांकि, इस बड़े महानगर में अपना सपना सच कर पाना उनके लिए इतना भी आसान नहीं था। एक इंटरव्यू के दौरान राजू श्रीवास्तव ने कहा था कि जब वो मुंबई आए थे, उस वक्त लोग कॉमेडियन को बड़े कलाकार के तौर पर नहीं देखा करते थे। कॉमेडी उस वक्त सिर्फ जॉनी वाकर से शुरू होती थी और जॉनी लिवर पर खत्म हो जाया करती थी। शुरुआती दौर में उन्हें काम नहीं मिल पाया था, ऐसे में पैसों की तंगी रहा करती थी।

मुंबई में ऑटो चलाया 50 से ₹100 तक मैं स्टैंड अप कॉमेडी शो किए पर हिम्मत ना हारी

राजू श्रीवास्तव  (Raju Srivastav) ने अपना खर्च चलाने के लिए ऑटो भी चलाया। इंटरव्यू में उन्होंने ये भी बताया था कि वो ऑटो में लोगों को जोक सुनाते थे और हंसाया करते थे। उनके इस हुनर की वजह से सिर्फ किराया ही नहीं मिलता था, बल्कि टिप भी मिल जाती थी। एक दिन उनके ऑटो में बैठी एक सवारी के चलते उन्हें स्टैंड अप कॉमेडी में पहला ब्रेक मिल गया। राजू श्रीवास्तव ने कई सालों तक स्ट्रगल किया था, पहले ब्रेक के बाद उन्हें काम मिलना शुरू हो गया था। उस दौर में कॉमेडियन को सिर्फ 50 से 100 रुपये मिलते थे।

घर-घर में मिली पहचान कैरेक्टर: गजोधर भैया से

राजू श्रीवास्तव  (Raju Srivastav) ने बताया था कि जब वो स्ट्रगल के दिनों में बर्थडे पार्टी में जाकर कॉमेडी किया करते थे तो उन्हें 50 से 100 रुपये मिलते थे। राजू श्रीवास्तव को सबसे ज्यादा पहचान मिली लाफ्टर चैलेंज के जरिए।

कॉमेडियन द ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज के उपविजेता रहे थे। उन्होंने इस शो में गजोधर भैया का किरदार प्ले किया था। उस दौरान घर-घर में हर किसी की जुबान पर गजोधर भैया का नाम रहता था।

बॉलीवुड फिल्मों से स्वच्छता के ब्रांड अंबेसडर और फिल्म विकास परिषद तक का रहा सफर

बॉलीवुड में काम करने के साथ स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेस्डर रहे। उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के अध्यक्ष बनाए जाने पर ग्रेटर नोएडा मैं जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास हजार करोड़ रुपए से फिल्म सिटी का पीपीपी मॉडल से निर्माण कराने की रूपरेखा बनाई, सरकार ने उसके लिए जमीन अधिग्रहण करा लिया।

बहुत याद आओगे 'गजोधर भैया'